Sunday, July 9, 2017

You have Key to my heart

SONU RIyaNA
Sajda tera kar na sakoon
Woh bandagi kya bandagi
Tere bina jeena pade
Toh zindagi kya zindagi
Kya rang laaya dil ka lagana
Kya rang laaya dil ka lagana
Gunje hawa mein
Bichhde dila diyan duhaiyaan
Ve badi lambiyan se judaiyan
Tere nishaan yaadon mein
Tu kyun nahi taqdeer mein
Nadaan dil hai dhundta
Qurbat teri tasveer mein
Mumkin nahi hai tujhko bhulana (x2)
Dekhe khudaya do aashiqan diya tabahiyan
Ve badi lambiyan se judaiyan
Badi lambiyaan se judaiyaan
Judaaiyaan.. judaiyaan..
Ve badi lambiyan se judaiyan
Lambiyan se judaiyan
Lambiyan se judaiyan
Ve badi lambiyaan se judaiyaan
Ve badi lambiyaan se judaiyaan

तुम हमारे थे प्रभु जी
तुम हमारे हो
तुम हमारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम

हम तुम्हारे थे प्रभु जी
हम तुम्हारे है
हम तुम्हारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम

तुम्हे छोड़ सुन नंद दुलारे कोई ना मीत हमारो
तुम्हे छोड़ सुन नंद दुलारे कोई ना मीत हमारो

किसके द्वारे जाए पुकारू और ना कोई सहरो
किसके द्वारे जाए पुकारू और ना कोई सहरो

किसके द्वारे जाए पुकारू और ना कोई सहरो
किसके द्वारे जाए पुकारू और ना कोई सहरो

अब तो आ कर बाँह पकाड़लो ओ मेरे प्रियतम
अब तो आ कर बाँह पकाड़लो ओ मेरे प्रियतम

अब तो आअकए बाँह पकाड़लो ओ मेरे प्रियतम
अब तो आअकए बाँह पकाड़लो ओ मेरे प्रियतम

तुम हमरे थे प्रभु जी
तुम हमारे हो
तुम हमारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम

तुम हमरे थे प्रभु जी
तुम हमारे हो
तुम हमारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम

हम तुम्हारे थे प्रभु जी
हम तुम्हारे है
हम तुम्हारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम

हम तुम्हारे थे प्रभु जी
हम तुम्हारे है
हम तुम्हारे ही रहोगे
ओ मेरे प्रियतम



जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है।

क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है॥

नहीं चाहिए ये दुनियां के निराले रंग ढंग मुझको,
निराले रंग ढंग मुझको
चली जाऊँ मैं वृंदावन
चली जाऊँ मैं वृंदावन तेरा श्रृंगार काफी है 
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है 

जगत के साज बाजों से हुए हैं कान अब बहरे 
हुए हैं कान अब बहरे 
कहाँ जाके सुनूँ बंशी
कहाँ जाके सुनूँ बंशी मधुर वो तान काफी है 
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है 

जगत के रिश्तेदारों ने बिछाया जाल माया का
बिछाया जाल माया का
तेरे भक्तों से हो प्रीति 
तेरे भक्तों से हो प्रीति श्याम परिवार काफी है 
जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है 

जगत की झूटी रौनक से हैं आँखें भर गयी मेरी 
हैं आँखें भर गयी मेरी 
चले आओ मेरे मोहन
चले आओ मेरे मोहन दरश की प्यास काफी है 

जगत के रंग क्या देखूं तेरा दीदार काफी है 
क्यों भटकूँ गैरों के दर पे तेरा दरबार काफी है





by SONU RIyaNA